क्या आपने कभी सोचा है ........ महिलायें अपने पेट में बात क्यों नहीं पचा पाती ?


सुन आशा मैं तुझे एक बात बताने जा रही हूँ पर प्लीज तू किसी से कहना नहीं  ....... आशा ने निम्मी के कानों  में धीरे से कुछ फुसफुसाया  ........ फिर निम्मी से भी नहीं रहा गया तो सरिता को वो ही बात बता दी ये वादा लेते हुए कि  वो आगे किसी को कुछ न बताएं  .... लेकिन सरिता ने गीता को  ...... गीता ने बबीता को  और फिर धीरे - धीरे ये बात सभी को पता चल गई। आखिर ऐसा क्या है कि महिलायें  अपने पेट में बात नहीं पचा पाती ?
आइये हम आपको आज इस रहस्य से जुड़ी कुछ रोचक, वैज्ञानिक और दिलचस्प बातें बताते है। कृपया इस लेख को अंत तक पढियेगा। 

सबसे पहला और अहम स्वाभाव उनका बातूनी होना। 
वैसे तो महिलाओं  के पेट में बातें न पचने के बहुत से कारण है मगर एक अहम कारण उनका स्वाभाव से बातूनी होना है। जहाँ एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार पुरुष एक दिन में केवल 7000 शब्द ही बोलते है वहीँ दूसरी ओर महिलाएं दिन में पुरुषों के मुकाबले तिगुना यानि कि 20000 से 25000 शब्दों का इस्तेमाल करती हैं।

सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना। 
महिलाओं में एक आदत सभी का ध्यान किसी भी तरह अपनी ओर आकर्षित करने की भी होती है। जिसके कारण वो हमेशा कुछ ऐसा कह या कर जाती है जिससे सब प्रभावित होकर उन्हें अटेंशन दें। उनकी उनके सर्किल में एक ख़ास पहचान बनें। इसलिए वे अक्सर कुछ ऐसा कह जाती है जिससे माहौल में एक सस्पेंस सा क्रिएट हो जाता है और उन्हें अटेंशन मिलती है और इसी वजह से महिलायें कई बार न कहने वाली बातें भी कह जाती है। 

उनका इमोशनल स्वभाव। 
महिलाएं स्वभाव में पुरुषों के मुकाबले काफी इमोशनल मानी जाती है जिसके कारण वे कई बार भावनाओं के बहाव में बहकर न कहने वाली बातें भी कह जाती है जबकि इसके विपरीत पुरुषों को स्वभाव से कठोर माना जाता है। जिसके कारण वे काम बोलते है और ज्यादातर अपने काम से काम रखते है। 

बोलने से पहले कुछ न सोचना। 
एक रिसर्च के अनुसार ये सामने आया है कि जहाँ पुरुष पहले सोचते है फिर बोलते है वहीं इसके विपरीत महिलायें बिना कुछ सोचे ही बोल जाती है जोकि उनके पेट में बात न पचने का बहुत बड़ा कारण है। 

ईर्ष्या का स्वाभाव।
ऐसा माना जाता है कि यदि कोई महिला दुखी या परेशान है तो उससे दूसरी महिला की ख़ुशी नहीं देखि जाती है, जिसके कारण वो उसको ऐसी-ऐसी बातें बता देती है जिससे माहौल तनावपूर्ण बनें और वो महिला भी टेंशन में आ जाए। 

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